उत्तराखंड में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने नए मिनी स्टेडियम और खेल मैदान विकसित करने की योजना बनाई है। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में पांच मिनी स्टेडियम और आठ खेल मैदानों का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही पहले से निर्माणाधीन खेल परियोजनाओं को भी जल्द पूरा करने की तैयारी है।
विधानसभा में विधायक महेश जीना की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश में खेल परिसंपत्तियों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक राज्य में 48 मिनी स्टेडियमों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 11 मिनी स्टेडियम अभी निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त पांच मिनी स्टेडियम प्रस्तावित हैं।
खेल मैदानों की बात करें तो प्रदेश में अब तक 51 मैदान बनाए जा चुके हैं। तीन खेल मैदानों का निर्माण जारी है, जबकि आठ नए खेल मैदान प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के युवाओं को खेल अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
तीन जिलों में बनेंगे नए मिनी स्टेडियम
विभाग की योजना के तहत टिहरी गढ़वाल जिले के घरगांव-डांडा और घनसाली विधानसभा क्षेत्र के नैलचामी में मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इसके अलावा चमोली जिले के नंदानगर विकासखंड के लाखी तथा बागेश्वर जिले के कर्मी सौंग और देवतोली में भी मिनी स्टेडियम निर्माण की योजना है।
सात स्थानों पर विकसित होंगे खेल मैदान
प्रदेश में प्रस्तावित आठ खेल मैदानों में से खबर में बताए गए स्थानों में चमोली जिले के नंदानगर ब्लॉक का पंगना, देहरादून का बनियावाला, अल्मोड़ा का रानीखेत एनसीसी ग्राउंड और चौखुटिया शामिल हैं।
इसके अलावा नैनीताल जिले के लेटीबुंगा शशबनी, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला ब्लॉक का तीजम और चंपावत जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय लटौली में भी खेल मैदान बनाए जाने की योजना है।
इन स्थानों पर खेल सुविधाओं का विकास होने से स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।


