केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री Amit Shah ने शनिवार को Uttarakhand में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य को बड़ी विकास सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 1,129.91 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
कार्यक्रम में शाह ने 1,014.81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 22 परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 115.10 करोड़ रुपये की लागत वाली 17 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य के आर्थिक विकास, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी कई अहम घोषणाएं भी कीं। कार्यक्रम के दौरान पुलिस भर्ती में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत प्रमाण पत्र वितरित किए गए और ‘ई-जीरो FIR’ प्रणाली की भी शुरुआत की गई।
अपने संबोधन में अमित शाह ने पूर्ववर्ती United Progressive Alliance (यूपीए) सरकार पर उत्तराखंड के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच केंद्र से राज्य को केवल 54 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 2014 के बाद केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद अब तक राज्य को लगभग 1.87 लाख करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ऑल वेदर रोड परियोजना, Delhi–Dehradun Expressway और रेलवे सहित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
शाह ने राज्य की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 2.60 लाख रुपये हो गई है। वहीं राज्य का GSDP 1.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इस कार्यक्रम में गृहमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए चयनित करीब 1,900 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी भर्तियां अब पारदर्शी तरीके से हो रही हैं और इसमें किसी तरह की धांधली की गुंजाइश नहीं है। इसका श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री धामी द्वारा लागू किए गए सख्त एंटी-कॉपी कानून को दिया।
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया, जब Citizenship Amendment Act (CAA) के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज माता मंदिर से जुड़े शैलेश, पाकिस्तान के जसपाल कुमार और कराची के दुर्गनाथ टी. राजपूत के साथ-साथ अफगानिस्तान से आईं हंसेरी बाई भी शामिल रहीं।
इसके अलावा अमित शाह ने राज्य में e-Zero FIR सिस्टम की शुरुआत की। यह व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत लागू की गई है, जिसका उद्देश्य 1 लाख रुपये से अधिक के साइबर वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में पीड़ितों को तुरंत सहायता देना है। अब 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतें सीधे Dehradun के स्टेट साइबर पुलिस स्टेशन में e-Zero FIR के रूप में दर्ज होंगी और CCTNS नेटवर्क के जरिए तुरंत संबंधित थाने को भेजी जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से पुलिस को शुरुआती “गोल्डन आवर” में तेज कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, जिससे संदिग्ध लेनदेन को समय रहते फ्रीज करना और पीड़ितों की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

