बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि गोदियाल के बीकेटीसी अध्यक्ष रहने के दौरान मंदिर समिति के चढ़ावे और दान से प्राप्त धनराशि का मनमाने ढंग से उपयोग किया गया। उनका आरोप है कि गोदियाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में निजी व्यक्तियों को 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मंदिर समिति के कोष से उपलब्ध कराई।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गणेश गोदियाल बिना किसी ठोस प्रमाण के बयान देकर जांच को प्रभावित करने और दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
द्विवेदी ने कहा कि भाजपा की कार्यशैली पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि जब गोदियाल बीकेटीसी के अध्यक्ष थे, तब क्या उन्हें हर फैसले के लिए राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से निर्देश मिलते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा में इस तरह की कोई परंपरा नहीं है और पार्टी का उद्देश्य केवल मंदिर समिति में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आगे कहा कि उनके 14 महीने के कार्यकाल में उन्होंने अपने लिए मंदिर समिति से कोई निजी स्टाफ नहीं रखा, बल्कि सभी कर्मचारियों को फील्ड में कार्य करने के निर्देश दिए। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि गणेश गोदियाल के कार्यकाल में 10 से 12 लोग उनके निजी स्टाफ के रूप में तैनात रहते थे। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोदियाल विधायक के रूप में वेतन लेने के बावजूद बीकेटीसी अध्यक्ष पद से मिलने वाले सभी लाभ भी प्राप्त करते रहे।
द्विवेदी ने दोहराया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की पवित्रता तथा श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी, जबकि निर्दोष लोगों पर बेबुनियाद आरोप लगाने वालों को भी उचित जवाब दिया जाएगा।

